Tuesday, 28 February 2017

हिन्दी महोत्सव'17 निमन्त्रण





वाणी फ़ाउंडेशन और इन्द्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वीमेन, दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में 3 व 4 मार्च 2017 को हिन्दी महोत्सव का दो-दिवसीय आयोजन हो रहा है| यह हिन्दी महोत्सव का तीसरा संस्करण है|
वाणी फाउंडेशन की परिकल्पना, हिन्दी महोत्सव, इकलौता ऐसा मंच है जहाँ हिन्दी साहित्य समाज, प्रकाशक, लेखक, कवि, आलोचक, विचारक, संस्कृतिकर्मी, भाषाकर्मी, मीडियाकर्मी और पाठक एक साथ उपस्थित हैं| हिन्दी महोत्सव, हिन्दी भाषा की वृहद् विविधता और उसमें समाहित होने वाली अनेक बोलियों का एक उत्सव है|
हिन्दी महोत्सव 55 वर्षीय वाणी प्रकाशन के ग़ैर लाभकारी उपक्रम वाणी फ़ाउंडेशन की एक सशक्त पहल है, जहाँ हिन्दी साहित्य, कला, संस्कृति, सिनेमा और रंगमंच का ही नहीं, बल्कि विश्व साहित्य से हिन्दी में होने वाले अनुवाद का भी स्वागत है|
हिन्दी महोत्सव17 के 24 सत्रों में साहित्य, लेखन, काव्य, रंगमंच, मीडिया, राजनीति, सिनेमा और दलित विमर्श पर बोलने वाले 65 वक्ता इसी समावेशी लोकवृत्त के प्रमाण हैं| युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन के लिए 7 विशिष्ट कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है| ये कार्यशालाएँ मीडिया, रंगमंच और प्रकाशन के बदलते आयामों और रोज़गार की सम्भावनाओं पर केन्द्रित हैं| कार्यक्रम में होने वाले सांस्कृतिक आयोजन अपने आप में भारतीय कला की विविधता की मिसाल हैं|
हिन्दी महोत्सव का आगाज़ सुप्रसिद्ध कत्थक कलाकार रचना यादव की संवेतप्रस्तुति से होगा| ‘संवेतप्रकृति और कविता के तारतम्य की एक मनोरम झाँकी है| हिन्दी भाषा के युगपुरुष कहे जाने वाले राजेन्द्र यादव की सुपुत्री रचना यादव कत्थक के माध्यम से कला और प्रकृति के इस सन्तुलन को बखूबी दर्शाती हैं|
हिन्दी महोत्सव का समापन निज़ामी बंधु के गंगा-जमुनी स्वरों से होगा| हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की नेमत से नवाज़ी हुई निज़ामी बंधु की आवाज़ भारतीय तहज़ीब की जीती-जागती मिसाल है|
भाषा, कला और संस्कृति को समर्पित हमारी यह पहल आपके साथ के बिना अधूरी हैहम आपको हिन्दी महोत्सव में सादर आमन्त्रित करते हैं|


I कार्यक्रम की रूपरेखा I



सादर,

अदिति महेश्वरी-गोयल
फेस्टिवल डायरेक्टर
हिन्दी महोत्सव17

 आयोजन से जुड़ी अन्य जानकारियों के लिये सम्पर्क करें:- 

वृषाली जैन - मीडिया प्रोड्यूसरवाणी प्रकाशन : 08860988053
दीपा - मार्केटिंग टीमवाणी प्रकाशन : 09873534487


देखिये हिंदी महोत्सव के बारे में