Friday, 3 February 2017

Fresh Arrival : Kalam Zinda Rahe by Ikraam Rajasthani




 वाणी प्रकाशन की नयी प्रस्तुति 

दास्ताँ कहते-कहते श्रृंखला की पांचवी कड़ी

'कलम ज़िंदा रहे'

इकराम राजस्थानी 



पुस्तक के सन्दर्भ में

क़लम ज़िन्दा रहे’ इकराम राजस्थानी की हिन्दुस्तानी ग़ज़लों,रुबाइयोंशआर और दोहों की मुकम्मल किताब है। इकराम राजस्थानी की इन बहुरंगी तेवर की रचनाओं में कथ्य और रूप के समन्वय के साथ-साथ भाव और भाषा की आज़ादी तथा ख़याल और चित्रण का खुलापन भी मिलता है। संग्रह की रचनाओं में तन-मनघर-परिवारनाते-रिश्ते, समाज-परिवेशधर्म-सियासतक़ौम-भाषादेश-दुनियागाँव-परदेस, ख़्वाब-हकीक़त,निजी-सार्वजनिकप्रकृति-प्राणीगम-ख़ुशीख्वाहिश- इच्छाएँ और विचार-व्यवहार के व्यापक दायरों को समेटा गया है। इकराम राजस्थानी की इन विविध रचनाओं में ज़िन्दगी का एक गहराफ़लसफ़ा मिलता है और यही बाक़ी चीज़ों को देखने के उनकेनज़रिये को भी पैना बनाता है। इसके अलावा यहाँ इंसानियत के अलग-अलग पहलुओं की बारीक पहचान भी है जो बरबस ही हमारा ध्यान खींच लेती है।

प्रयोग की दृष्टि से देखें तो इकराम राजस्थानी की अलग-अलग फॉर्म की रचनाओं में-चाहे वे ग़ज़लें होंरुबाइयाँ होंअशआर हों या दोहे -एक सहज गति और लयकारी मिलती है जो पढ़ने के आनन्द को कई गुना बढ़ा देती हैं। इनकी भाषा में भी एक सहज प्रवाह और रवानगी है। यहाँ आम जन-जीवन और बोलचाल की भाषा का रचनात्मक प्रयोग इस तरह से किया गया है कि बोलचाल और साहित्यिक भाषा का फ़र्क मिट-सा गया है। अपने कथ्य और भाषा के सौन्दर्य के कारण ये छोटी-छोटी रचनाएँ हर तरह के पाठकों के लिए बारम्बार पठनीय हैं।




इकराम राजस्थानी 

जन्म: जुलाई, 1946 
हिन्दीउर्दूराजस्थानी तीनों भाषाओं में अधिकारपूर्वक लेखन। आकाशवाणी केन्द्र निदेशक (पूर्व) एच.एम.वी. यूकी. सुपर कैसेट्सवैस्टन में हज़ारों गीतों के कैसेट्स और ई.पी.एल.पी. रिकार्ड्स/आकाशवाणी और विविध भारती’ से हज़ारों नाटक,झलकियाँ, गीत और कहानियाँ प्रसारित। आकाशवाणी के मान्यता प्राप्त गायकगीतकारसमाचार वाचकलोक गायक और कमेंटेटर। राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ निरन्तर प्रकाशित होती रहती हैं। राजस्थानीहिन्दी फ़िल्मों में गायनअभिनयगीत एवं संवाद लेखन। 

बी.बी.सी. से साक्षात्कार एवं रचनाओं का प्रसारण। राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय मंच संचालककविगीतकारसाहित्यकार। 

प्रकाशित पुस्तकें: तारां छाई रातपल्लो लटकेगीतां री रमझोल,शबदां री सीखखुले पंखपैगम्बरों की कथाएँशर्म आती है मगरगाता जाये बंजारादर्द के रंगसुनो पेड़ की गाथाएक है अपना हिन्दुस्तानअक्षर देते सीखइस सदी का आखरी पन्ना,लोकप्रिय नेता कैसे बनें। हज़रत शेख सादी के गुलिस्तां’ का राजस्थानी भाषा में प्रथम काव्यानुवादटैगोर की गीतांजलि’ का राजस्थानी में काव्यानुवाद (अंजली गीतां री)हरिवंश राय बच्चन की मधुशाला’ का राजस्थानी रूपान्तरण। 
प्रकाश पथ: कुरान शरीफ़ का राजस्थानीहिन्दी भाषा में भावानुवाद करने वाले विश्व के प्रथम कवि।

प्रकाश्य: श्रीमद्भगवद्गीता और उपनिषद् का राजस्थानी काव्यानुवाद। 
सम्मान: लोकमान’ उपाधि से विभूषित लासा कौलराष्ट्रीय एकता पुरस्कारमहाकवि बिहारी पुरस्कारराष्ट्र रत्नवाणी रत्नतुलसी रत्नसमाज रत्न तथा अनेक प्रतिष्ठित सम्मान।




पुस्तक खरीदने हेतु इस लिंक पर क्लिक करें:- 


 पुस्तकें यहाँ भी उपलब्ध हैं:- 
 आर्डर देने के लिए हमें मेल करें :-