Tuesday, 9 May 2017

Fresh Arrival : 'Na Seemayen Na Dooriyan' by Kunwar Narayan



प्रसिद्ध कवि कुँवर नारायण द्वारा विश्व कविता से कुछ 

अनुवाद

न सीमाएँ न दूरियाँ

 795 /- | 978-93-5229-442-8 | विता संग्रह  

 पुस्तक अंश 

कुँवर नारायण इस समय भारत ही नहीं विश्व के श्रेष्ठ कवियों में से हैं। विश्व साहित्य के गहन अध्येता कुँवर नारायण ने आधी सदी से अधिक समय में अनेक विदेशी कवियों की कविताओं का हिन्दी में अनुवाद किया है जो समय-समय पर पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं। न सीमाएँ न दूरियाँ’ उनमें से कुछ उपलब्ध अनूदित कविताओं का संकलन है -हालाँकि सारे अनुवादख़ासतौर से शुरुआती अनुवाद,खोजे नहीं जा सके।

इस पुस्तक को जो बात सबसे अनूठी और विशिष्ट बनाती है वह यह है कि इसमें प्राचीन से लेकर अब तक के अनेक उत्कृष्ट विश्व कवियों की कविताओं के  अनुवाद स्वयं आज के श्रेष्ठ हिन्दी कवि द्वारा किये गये हैं। इस संकलन का एक और विशिष्ट पक्ष विभिन्न कवियों पर सारगर्भित बातें और अनुवाद-सम्बन्धी टिप्पणियाँ भी है। कुँवर नारायण के लिए अनुवाद का मतलब कविता की भाषाई पोशाक को बदलना भर नहीं रहा है बल्कि उसके उस अन्तरंग तक पहुँचना रहा है जो उसे कविता बनाता है। उन्होंने अनुवाद की अवधारणा को अनुरचना की हद तक विस्तृत किया है और अनुवाद-कर्म को अपनी रचनात्मकता की तरह ही महत्त्व दिया है

अनुवाद करने के साथ अनुवाद-प्रक्रिया के रहस्यों का प्रकटन अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है जिसे बोर्हेस और कुँवर नारायण के यहाँ हम अनुवाद-प्रक्रिया पर की गयी दुर्लभ टिप्पणियों में देख सकते हैं। यहाँ अनुवादों में वह समावेशी दृष्टि अहम है जो कुँवर नारायण के सम्पूर्ण लेखन में मौजूद है। अनुवाद के लिए जिस कवि को उन्होंने चुनाथोड़ा उसके प्रभाव में ढलेथोड़ा उसे अपने प्रभाव में ढाला। अनुवाद-कर्म के विशेष महत्त्व को रेखांकित करती यह किताब नयी पीढ़ी के लिए एक अनूठा दस्तावेज़।

कुँवर नारायण


कुँवर नारायण उन असाधारण साहित्यकारों में हैं जिनकी सृजनशील उपस्थिति हिन्दी समाज के लिए गहरी आश्वस्ति का विषय है। कुँवर नारायण मुख्यतः कवि हैं पर वे साहित्य की अन्य विधाओं में भी निरन्तर लिखते रहे हैं। उनकी कृतियों के भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनुवाद प्रकाशित हुए हैंवे अनेक राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हैंजिनमें साहित्य अकादेमी की महत्तर सदस्यता,रोम का प्रीमिओ फ़ेरोनिआपद्म भूषण और ज्ञानपीठ भी हैं।

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