Wednesday, 14 September 2016

हिन्दी दिवस पर वाणी प्रकाशन की ख़ास पेशकश...


हिन्दी आधुनिकता : हिन्दी की बदलती दुनिया का जायज़ा

आज हिन्दी की दुनिया बहुत तेजी से फैल रही है। यह विचार की दुनिया से व्यवहार की दुनिया की ओर आ रही है। ऐसे में हिन्दी के फैलते क्षितिज का जायज़ा लेना हम सब की ज़िम्मेदारी है। वाणी प्रकाशन के गौरव ग्रन्थों की शृंखला में प्रकाशित 'हिन्दी-आधुनिकता' में इसी ज़िम्मेदारी को भाँपते हुए हिन्दी का जायज़ा लिया गया है।

यह किताब महज़ विचारों का खज़ाना नही है, हमारे दौर का बौद्धिक रोज़नामचा भी है। इसमें इस बात के पर्याप्त संकेत हैं कि हिन्दी के आत्मबोध में एक बदलाव घटित हो रहा है। इसमें हिन्दी के भविष्य और भविष्य की हिन्दी के अन्वेषण के लिए विचारों का एक जखीरा भी है।


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"अच्छी रचना के लिए अच्छी भाषा जरूरी है, 
जैसे अच्छे वस्त्र के लिए अच्छा सूत"
                                                                                  -आचार्य किशोरीदास वाजपेयी


आचार्य किशोरीदास वाजपेयी ने 'अच्छी हिन्दी' नामक पुस्तक में हिन्दी के स्वरूप, हिन्दी की बनावट और हिन्दी के परिष्कार की जरूरतों का विश्लेषण किया है। यह छोटी-सी पुस्तक पाठकों को हिन्दी से प्यार करना सिखाती है और एक भाषा के रूप में हिन्दी को सलीके से बरतना सिखाती है।

यह पुस्तक पाठकों को अच्छी हिन्दी के गुण बतलाती है, साथ ही शब्दों के उचित प्रयोग, और शब्दों के अविज्ञात प्रयोग के बारे में जानकारी देती हुई चलती है।

यह पुस्तक पाठकों को हिन्दी के करीब जाने के लिए प्रेरित करती है और देश की एकता और अखंडता में हिन्दी की भूमिका को रेखांकित करती है।

हिन्दी दिवस के अवसर पर वाणी प्रकाशन की ओर से पाठकों को हार्दिक 
शुभकामनाएँ!

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वाणी प्रकाशन समाचार (वर्ष : 10, अंक : 112, सितम्बर 2016)


प्रिय पाठकों,


वर्ष : 10, अंक : 112, सितम्बर 2016

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