Saturday, 3 September 2016

"सन्त वाणी" के प्रकाश से जगमगाती हुई एक शाम


 "सन्त वाणी" के प्रकाश से जगमगाती हुई एक शाम 


कल दिनांक 2 सितम्बर को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (एनेक्स) के लेक्चर हाल
में डॉ. पी.जयरामन द्वारा संकलित-सम्पादित "सन्त वाणी"(11 खण्ड) का लोकार्पण किया गया। इस ऐतिहासिक ग्रन्थ का लोकार्पण सुश्री मृणाल पांडे, जे. वीर राघवन, डॉ. पी. जयरामन, प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल और डॉ. बलदेव वंशी के कर कमलों द्वारा किया गया।
Dainik Jagran ने इस विशेष आयोजन की खबर प्रकाशित की है। 

 साभार : दैनिक जागरण 


दैनिक ट्रिब्यूनमें 'सन्त वाणी'
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"सन्त वाणी" के माध्यम से हिन्दी और तमिल के बीच की खाई पाटने की कोशिश की गयी है।" -अनंत विजय
'दैनिक ट्रिब्यून' में पढिए Anant Vijay का लेख-'सन्त वाणी के सबक और सवाल' 

 साभार : दैनिक ट्रिब्यून

"सन्त वाणी" में तमिल के आलवार और आण्डाल संतों के 4000 पदों का देवनागरी लिप्यंतरण और हिन्दी भाष्य किया गया है। यह पूरी प्रक्रिया लगभग आठ वर्षों में सम्पन्न हुई है। वाणी प्रकाशन से प्रकाशित इस ऐतिहासिक गौरव-ग्रन्थ के बारे में जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: