Monday, 6 April 2015

जनसत्ता : स्त्री विमर्श का नया कोण 'कितने कठघरे'


जनसत्ता : स्त्री विमर्श का नया कोण 'कितने कठघरे'
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वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित चर्चित लेखिका 
सुश्री रजनी गुप्त
 के नवीन उपन्यास
'कितने कठघरे'
 की वरिष्ठ पत्रकार 
अनंत विजय 
द्वारा की गयी समीक्षा जनसत्ता में प्रकाशित की गयी है।

साभार : श्री अनंत विजय (समीक्षक) 
साभार : जनसत्ता समाचार पत्र, 5 अप्रैल 2015, पृष्ठ सं. 6