Friday, 31 October 2014

शब्दों में ज़िन्दगी - Herta Müller's Book Launch Program


वाणी प्रकाशन, गोएथे इंस्टिट्यूट व ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर द्वारा आयोजित 'शब्दों में ज़िन्दगी' कार्यक्रम में वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित वर्ष 2009 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित जर्मन लेखिका हेर्टा म्युलर के जर्मन उपन्यास ‘आटेमशाऊकेल’ का हिन्दी अनुवाद ‘भूख का व्याकरण’  व 'डेर मेन्श डस्ट आडन ग्रोस्सर फ़सान आउफ डेर वेल्ट’ का हिन्दी अनुवाद ‘काँच के आँसू’ पुस्तकों का लोकार्पण समारोह ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर, एन-81 कनॉट प्लेस, नयी दिल्ली-110001 में 30 अक्टूबर 2014 को शाम 6 बजे सम्पन्न हुआ। 

कार्यक्रम में वाणी प्रकाशन के प्रबन्ध निदेशक अरुण माहेश्वरी, गोएथे इंस्टिट्यूट की निदेशक ऊटे राइमर बोनर, ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर की निदेशक प्रीति पॉल, वाणी प्रकाशन की निदेशक अदिति माहेश्वरी, प्रख्यात लेखिका नमिता गोखले, पुस्तकों के अनुवादक नमिता खरे व राजेन्द्र डेंगले के साथ प्रसिद्ध लेखक नीलाभ शामिल रहे




बायें से दायें - गोएथे इंस्टिट्यूट की निदेशक ऊटे राइमर बोनर, लेखिका नमिता गोखले, वाणी प्रकाशन के प्रबन्ध निदेशक अरुण माहेश्वरी व ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर की निदेशक प्रीति पॉल। 



कार्यक्रम में उपस्थित श्रोतागण व पाठक।  

बायें से दायें - ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर की निदेशक प्रीति पॉल व वाणी प्रकाशन के प्रबन्ध निदेशक अरुण माहेश्वरी।  

लेखिका नमिता गोखले। 

गोएथे इंस्टिट्यूट की निदेशक ऊटे राइमर बोनर।

वाणी प्रकाशन की निदेशक अदिति माहेश्वरी। 





कार्यक्रम में उपस्थित श्रोतागण व पाठक।  

कार्यक्रम में उपस्थित श्रोतागण व पाठक।  

कार्यक्रम में उपस्थित श्रोतागण व पाठक। 

कार्यक्रम में उपस्थित श्रोतागण व पाठक। 

वाणी प्रकाशन के प्रबन्ध निदेशक अरुण माहेश्वरी। 


पुस्तकों की अनुवादक नमिता गोखले। 


पुस्तकों के अनुवादक राजेन्द्र डेंगले। 


प्रश्न पूछते पाठक। 

प्रश्न पूछते श्रोता।

प्रश्न पूछते पाठक। 


 बायें से दायें - ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर की निदेशक प्रीति पॉल व गोएथे इंस्टिट्यूट की निदेशक ऊटे राइमर बोनर।