Wednesday, 22 October 2014

BHOOK KA VYAKARAN / भूख का व्याकरण




Book - Bhook Ka Vyakaran

Author - Herta Muller

Translators - Namita Khare & Rajendra Dengle

Publisher : Vani Prakashan

Total Pages : 243
ISBN : 978-93-5072-726-3(HB)
Price :  Rs.495/-
Size (Inches) : 5.50x8.50
First Edition : 2015
Category  : Fiction

पुस्तक के संदर्भ में -

हेर्टा म्युलर के उपन्यास का जर्मन शीर्षक है ‘आटेमशाऊकेल’। यह दो शब्दों आटेम और शाऊकेल से बना सामासिक शब्द है जिनका हिन्दी में अर्थ होगा साँस और पींग। इसी तरह के कई सारे ‘अजीब’ शब्द इस उपन्यास में पढ़ने को मिलेंगे, जिन्हें हमने हिन्दी में भी बरकरार रखा है जैसे: दिल-फावड़ा और भूख-देवदूत।

आटेमशाऊकेल लेओ आऊबेर्ग, एक सत्रह वर्षीय रोमानियाई जर्मन लड़के की जीवन गाथा है, जिसे एक दिन यूक्रेन के स्टेपीस के एक श्रम शिविर में भेज दिया जाता है। हेर्टा म्युलर इस उपन्यास के उपसंहार में संक्षेप में उस समय का ऐतिहासिक विवरण देती हैं। नुल्लपुंक्ट​ -​ शून्यांक​ -​ जर्मन में  होलोकॉस्ट के अनुभव को वर्णित करता है। श्रम शिविर का कठिन अनुभव​ - ​जिससे लियो का व्यक्तिगत जीवन भी जुड़ा हुआ है, वह उसके जीवन के शून्य को वर्णित करता है। दरअसल यह बन्द रास्तों वाली गली है।

‘आटेमशाऊकेल’ को पढ़ना जर्मन भाषी पाठक के लिए भी एक बहुत ही कठिन काम है। यह एक अत्यन्त शक्तिशाली साहित्य कलाकृति है, जो पाठक को अपने में बाँध लेती है और उसे मनुष्य के उस शून्यांक के अनुभव की तरफ ले जाती है, जो मानवता के आधुनिक इतिहास के एक अँधेरे कोने में बसी हुई है, और साथ ही साथ उसे भाषा की सम्भावनाओं और कमियों से परिचित करा देती है। 

लेखिका के संदर्भ में -

हेर्टा म्युलर

जन्म 17 अगस्त, 1953 में रोमानिया के नित्सकीडॉर्फ नामक गाँव में हुआ। 1973 से 1976 तक इन्होंने जर्मन और रोमानियाई साहित्य, भाषा और संस्कृति का अध्ययन किया और एक कारखाने में बतौर अनुवादिका नियुक्त हो गयीं। लेकिन जब इन्होंने खुफिया विभाग ‘सिक्योरिताते’ को सहयोग देने से इनकार कर दिया तो इन्हें यह काम छोड़ना पड़ा। तब इन्होंने 1979 से 1983 तक जर्मन शिक्षिका के रूप में काम किया और 1984 से स्वतन्त्र लेखन आरम्भ कर दिया। मार्च 1987 से ये जर्मनी की प्रवासी हैं। इन्हें अनेक साहित्य पुरस्कारों से सम्मानित होने के बाद वर्ष 2009 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।



अनुवादकों के संदर्भ में -

नमिता खरे 
पिछले तेरह वर्षों से जर्मन अध्यापन तथा हिन्दी व जर्मन साहित्य के अनुवाद में कार्यरत। 
ई-मेल:
​ namitakhare@hotmail.com

राजेन्द्र डेंगले
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के जर्मन भाषा, साहित्य व संस्कृति विभाग में अध्यापन। विशेषज्ञता: आधुनिक जर्मन साहित्य, साहित्यिक सिद्धान्त, भाषा-दर्शन व नया मीडिया का सिद्धान्त। आधुनिक मराठी व हिन्दी साहित्य का जर्मन में अनुवाद।
ई-मेल: 
​rajoodengle@hotmail.com