Friday, 12 September 2014

Bolti Deewarein / बोलती दीवारें



Book - Bolti Deewarein

Author - Irshad Kamil

Publisher : Vani Prakashan

Total Pages : 80
ISBN : 978-93-5072-772-0(HB)
Price :  Rs. 200/-
Size (Inches) : 5.50x8.50
First Edition : 2014
Category  : Play 

पुस्तक के संदर्भ में -

बोलती दीवारें सब रिश्तों में प्रेम का रिश्ता एक ऐसा रिश्ता है जिसकी चर्चा ‘कामायनी’ भी करती है और ‘कामसूत्र’ भी, ‘मेघदूत’ भी करता है ‘मानस’ भी, ‘गीता’ भी करती है ‘गोदान’ भी। अर्थात अपने-अपने तरीके से कभी-न-कभी, कहीं-न-कहीं सब इसकी व्याख्या करते आये हैं और करते रहेंगे। मैंने इसको समकालीन समय में देखने की कोशिश की है। हमारा प्रेमभाव के प्रति आयु के साथ दृष्टिकोण बदलता रहता है लेकिन यह एक ऐसा भाव है जो एक आयु में परिस्थितियों के साथ बदलता नहीं। परिवर्तित परिस्थितियों में अपरिवर्तित रहने वाला भाव वास्तव में प्रेम है। ‘बोलती दीवारें’ मेरे इसी विचार की व्याख्या है। यूँ तो हम सभी इंसान हैं, पर यह जष्रूरी भी नहीं। कई बार हम सिर्फ और सिर्फ अपने सपनों की कब्र बन कर रह जाते हैं क्योंकि जीते हुए भी हमारे अन्दर का असली इंसान जो हमें ‘हम’ बनाता था, मर जाता है। और कई बार हम प्रेम की आड़ में दूसरों के लिए इतनी दीवारें खड़ी कर देते हैं कि उनकी घुटन में दूसरा मर जाता है।


लेखक के संदर्भ में -

इरशाद कामिल पंजाब के छोटे से कस्बे मलेरकोटला में जन्म। पंजाब विश्वविद्यालय से समकालीन हिन्दी कविता पर पीएच. डी. उपाधि। दी ट्रिब्यून समाचार पत्रा समूह और इंडियन एक्सप्रेस समाचार पत्रा समूह में नौकरियाँ। वर्ष 2001 में सब छोड़-छाड़ कर मुम्बई रवानगी। मुम्बई फिल्म उद्योग में पहली पंक्ति के गीतकार। दो फिल्म फेयर अवार्ड्स के अलावा, स्क्रीन, आइफा, जी सिने, अप्सरा, जीमा, मिर्ची म्यूजिक, बिग एंटरटेनमेंट और ग्लोबल इंडियन फिल्म एवं टीवी अवार्ड जैसे लगभग सभी फिल्मी पुरस्कार प्राप्त। विभिन्न प्रतिष्ठित पत्रा-पत्रिकाओं में कविताओं और कहानियों का प्रकाशन तथा ‘क्या सम्बन्ध था सड़क का उड़ान से’ शीर्षक अधीन छपे चौदह कवियों के सामूहिक संग्रह में शामिल। समकालीन कविता पर आलोचनात्मक पुस्तक ‘समकालीन कविता: समय और समाज’ भी प्रकाशित।
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वाणी प्रकाशन से प्रकाशित प्रसिद्ध गीतकार इरशाद कामिल की नाट्य कृति 'बोलती दीवारें' की समीक्षा प्रजातंत्र लाइव समाचार पत्र, 27 जुलाई 2014 के अंक में प्रकाशित।


वाणी प्रकाशन से प्रकाशित प्रख्यात गीतकार व कवि इरशाद कामिल की नयी नाट्य-कृति '‪‎बोलती‬ ‪‎दीवारें‬' की 'आज तक डॉट इन' की वेबसाइट पर प्रसारित समीक्षा पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है। 



Review : Vibhas / विभास की समीक्षा


 किताब - विभास
 लेखक - यतीन्द्र मिश्र
 विषय - काव्य-संग्रह
 समीक्षक - श्री ओम निश्चल







Review : Din Rain / '​दिन रैन​' की समीक्षा


वाणी प्रकाशन से प्रकाशित प्रसिद्ध लेखक व आलोचक श्री विश्वनाथ प्रसाद तिवारी की डायरी '​दिन रैन​' की समीक्षा जनसत्ता समाचार पत्र के 27 अप्रैल 2014 के अंक में प्रकाशित।