Wednesday, 24 September 2014

Taslima Nasrin's Statement on Lajja / 'लज्जा' पर तसलीमा नसरीन का बयान


वाणी प्रकाशन से प्रकाशित स्त्रीवाद से सम्बन्धित विषयों पर अपने प्रगतिशील विचारों के लिए चर्चित लेखिका तसलीमा नसरीन की कृति 'लज्जा' पर लेखिका तसलीमा नसरीन का बयान पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है। 

दैनिक जागरण, 23 सितम्बर 2014 (पृष्ठ सं 11) के अंक में। 


Prabhat Ranjan : Best Literary Blogger / प्रभात रंजन : सर्वश्रेष्ठ साहित्यिक ब्लॉग सम्मान


‘हिंदी दिवस’ के अवसर पर दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में स्थित पार्क होटल में आयोजित कार्यक्रम में एबीपी न्यूज द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगर्स को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर साहित्य के क्षेत्र में कार्यरत वाणी प्रकाशन के चर्चित युवा साहित्यकार प्रभात रंजन अपने नियमित ब्लॉग 'जानकी पुल' के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ साहित्यिक ब्लॉग सम्मान' से सम्मानित किये गये। यह सम्मान प्रसिद्ध विद्वान प्रो. सुधीश पचौरी के हाथों दिया गया। कार्यक्रम में मंच पर श्री प्रसून जोशी, श्री नीलेश मिश्रा और श्री कुमार विश्वास भी मौजूद थे। 


छायाचित्र में बायें से दायें श्री प्रसून जोशी, श्री नीलेश मिश्र, श्री कुमार विश्वास, प्रभात रंजन तथा प्रो. सुधीश पचौरी पुरस्कार देते हुए।


Govind Mishra : Saraswati Samman / गोविन्द मिश्र : सरस्वती सम्मान से सम्मानित


छायाचित्र में दायें से बायें प्रख्यात साहित्यकार गोविन्द मिश्र, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह व हिन्दुस्तान टाइम्स समूह की अध्यक्ष व के. के. बिरला फाउंडेशन की अध्यक्ष शोभना भरतिया। 


कार्यक्रम की खबर 'वेबदुनिया डॉट कॉम' की वेबसाइट पर प्रसारित -



कार्यक्रम की खबर 'डीएनए इंडिया डॉट कॉम' की वेबसाइट पर प्रसारित -


कार्यक्रम की खबर 'लाइव हिन्दुस्तान डॉट कॉम' की वेबसाइट पर प्रसारित -


कार्यक्रम की खबर 'न्यूज़ आज डॉट इन' की वेबसाइट पर प्रसारित -






Tuesday, 23 September 2014

Manager Pandey : Happy Birthday / मैनेजर पाण्डेय : जन्मदिन की हार्दिक बधाई


वाणी प्रकाशन के प्रख्यात समालोचक मैनेजर पाण्डेय जी को वाणी प्रकाशन परिवार की ओर से जन्मदिन की हार्दिक बधाई।

(23 सितम्बर 1941)


Wednesday, 17 September 2014

Review : Patthar Fenk Raha Hoon / ‘पत्थर फेंक रहा हूँ’ की समीक्षा


वाणी प्रकाशन से प्रकाशित व साहित्य अकादेमी पुरस्कार-2012 से सम्मानित श्री चन्द्रकान्त देवताले के काव्य-संग्रह 
‘पत्थर फेंक रहा हूँ’ 
की समीक्षा तथा इस कृति के लेखक श्री चन्द्रकान्त देवताले के संदर्भ में प्रसारित खबर पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है।

नेशनल दुनिया समाचार पत्र, 14 सितम्बर 2014 (पृष्ठ संख्या 9) के अंक से।


Discussion: Hindi Ka Prime Time / ​परिचर्चा : ​हिन्दी का प्राइम टाइम




वाणी प्रकाशन, ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर  इंडिया टुडे डिजिटल ग्रुप 

की प्रस्तुति 


'हिन्दी का प्राइम टाइम’ परिचर्चा
ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर, एन-81 कनॉट प्लेस, नयी दिल्ली-110001 में 
19 सितम्बर 2014 को शाम 6 बजे आपका स्वागत है। 

कार्यक्रम में पत्रकारिता दुनिया के महारथी प्रो. सुधीश पचौरीश्री अभय कुमार दुबे तथा सुश्री प्रियंका दुबे मुख्य वक्ता होंगे। ​
​​
कार्यक्रम का संचालन चर्चित युवा लेखक प्रभात रंजन करेंगे​।
  ​

परिचर्चा में आप सादर आमंत्रित हैं।  ​

​कार्यक्रम के उपरान्त जलपान का प्रबंध ​किया गया है। 

​स्थान 
ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर, एन-81 कनॉट प्लेस, नयी दिल्ली-110001 

दिनाँक व समय ​
19 सितम्बर 2014, शाम 6 बजे  

'हिन्दी प्राइम का टाइम' परिचर्चा की खबर आज तक की वेबसाइट पर प्रसारित। 

-----------------------

वाणी प्रकाशन, ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर व इंडिया टुडे डिजिटल ग्रुप की प्रस्तुति 'हिन्दी का प्राइम टाइम' परिचर्चा की खबर समाचार4मीडिया.कॉम की वेबसाइट पर प्रसारित।

http://samachar4media.com/a-discussion-on-hindi-ka-prime-time.html

---------------------------

वाणी प्रकाशन, ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर व इंडिया टुडे डिजिटल ग्रुप की प्रस्तुति 'हिन्दी का प्राइम टाइम' परिचर्चा की 'आई एम इन डीएनए ऑफ न्यू दिल्ली' की वेबसाइट पर प्रसारित खबर पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है।

http://www.iamin.in/en/new-delhi/news/hindi-prime-time-discussed-during-hindi-diwas-celebrations-42591


---------------------------

वाणी प्रकाशन, ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर व इंडिया टुडे डिजिटल ग्रुप की प्रस्तुति 'हिन्दी का प्राइम टाइम' परिचर्चा की समाचार4मीडिया.कॉम की वेबसाइट पर प्रसारित खबर पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है। 
http://samachar4media.com/Hindi-journalists-are-multitaskers.html

---------------------------

कार्यक्रम के छायाचित्र -



 चर्चित युवा लेखक व ब्लॉगर प्रभात रंजन


बायें से दायें प्रभात रंजन, प्रो. सुधीश पचौरी, श्री अभय कुमार दुबे तथा सुश्री प्रियंका दुबे.

बायें से दायें प्रो. सुधीश पचौरी, श्री अभय कुमार दुबे तथा सुश्री प्रियंका दुबे.




बायें से दायें वाणी प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अरुण माहेश्वरी, प्रभात रंजन, श्री अभय कुमार दुबे तथा सुश्री प्रियंका दुबे.

बायें से दायें प्रभात रंजन, श्री अभय कुमार दुबे, प्रो. सुधीश पचौरी तथा सुश्री प्रियंका दुबे



कार्यक्रम की सूचना 'द हिन्दू' समाचार पत्र के 27 सितम्बर 2014 (पृष्ठ सं 2) के अंक में प्रसारित की गयी है। प्रकाशित खबर पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है।


कार्यक्रम की सूचना ‘द हिन्दू डॉट कॉम’ की वेबसाइट पर प्रसारित -


Monday, 15 September 2014

Review : Shav Katnevala Adami / ‘शव काटने वाला आदमी’ की समीक्षा


वाणी प्रकाशन से प्रकाशित श्री येसे दरजे थोंगछी के उपन्यास 
‘शव काटने वाला आदमी’ की समीक्षा 
तथा इस कृति के लेखक येसे दरजे थोंगछी के संदर्भ में प्रसारित खबर पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है।
जनसत्ता समाचार पत्र, 14 सितम्बर 2014 के अंक से।




Friday, 12 September 2014

Bolti Deewarein / बोलती दीवारें



Book - Bolti Deewarein

Author - Irshad Kamil

Publisher : Vani Prakashan

Total Pages : 80
ISBN : 978-93-5072-772-0(HB)
Price :  Rs. 200/-
Size (Inches) : 5.50x8.50
First Edition : 2014
Category  : Play 

पुस्तक के संदर्भ में -

बोलती दीवारें सब रिश्तों में प्रेम का रिश्ता एक ऐसा रिश्ता है जिसकी चर्चा ‘कामायनी’ भी करती है और ‘कामसूत्र’ भी, ‘मेघदूत’ भी करता है ‘मानस’ भी, ‘गीता’ भी करती है ‘गोदान’ भी। अर्थात अपने-अपने तरीके से कभी-न-कभी, कहीं-न-कहीं सब इसकी व्याख्या करते आये हैं और करते रहेंगे। मैंने इसको समकालीन समय में देखने की कोशिश की है। हमारा प्रेमभाव के प्रति आयु के साथ दृष्टिकोण बदलता रहता है लेकिन यह एक ऐसा भाव है जो एक आयु में परिस्थितियों के साथ बदलता नहीं। परिवर्तित परिस्थितियों में अपरिवर्तित रहने वाला भाव वास्तव में प्रेम है। ‘बोलती दीवारें’ मेरे इसी विचार की व्याख्या है। यूँ तो हम सभी इंसान हैं, पर यह जष्रूरी भी नहीं। कई बार हम सिर्फ और सिर्फ अपने सपनों की कब्र बन कर रह जाते हैं क्योंकि जीते हुए भी हमारे अन्दर का असली इंसान जो हमें ‘हम’ बनाता था, मर जाता है। और कई बार हम प्रेम की आड़ में दूसरों के लिए इतनी दीवारें खड़ी कर देते हैं कि उनकी घुटन में दूसरा मर जाता है।


लेखक के संदर्भ में -

इरशाद कामिल पंजाब के छोटे से कस्बे मलेरकोटला में जन्म। पंजाब विश्वविद्यालय से समकालीन हिन्दी कविता पर पीएच. डी. उपाधि। दी ट्रिब्यून समाचार पत्रा समूह और इंडियन एक्सप्रेस समाचार पत्रा समूह में नौकरियाँ। वर्ष 2001 में सब छोड़-छाड़ कर मुम्बई रवानगी। मुम्बई फिल्म उद्योग में पहली पंक्ति के गीतकार। दो फिल्म फेयर अवार्ड्स के अलावा, स्क्रीन, आइफा, जी सिने, अप्सरा, जीमा, मिर्ची म्यूजिक, बिग एंटरटेनमेंट और ग्लोबल इंडियन फिल्म एवं टीवी अवार्ड जैसे लगभग सभी फिल्मी पुरस्कार प्राप्त। विभिन्न प्रतिष्ठित पत्रा-पत्रिकाओं में कविताओं और कहानियों का प्रकाशन तथा ‘क्या सम्बन्ध था सड़क का उड़ान से’ शीर्षक अधीन छपे चौदह कवियों के सामूहिक संग्रह में शामिल। समकालीन कविता पर आलोचनात्मक पुस्तक ‘समकालीन कविता: समय और समाज’ भी प्रकाशित।
-------------------------------------------

वाणी प्रकाशन से प्रकाशित प्रसिद्ध गीतकार इरशाद कामिल की नाट्य कृति 'बोलती दीवारें' की समीक्षा प्रजातंत्र लाइव समाचार पत्र, 27 जुलाई 2014 के अंक में प्रकाशित।


वाणी प्रकाशन से प्रकाशित प्रख्यात गीतकार व कवि इरशाद कामिल की नयी नाट्य-कृति '‪‎बोलती‬ ‪‎दीवारें‬' की 'आज तक डॉट इन' की वेबसाइट पर प्रसारित समीक्षा पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है। 



Review : Vibhas / विभास की समीक्षा


 किताब - विभास
 लेखक - यतीन्द्र मिश्र
 विषय - काव्य-संग्रह
 समीक्षक - श्री ओम निश्चल







Review : Din Rain / '​दिन रैन​' की समीक्षा


वाणी प्रकाशन से प्रकाशित प्रसिद्ध लेखक व आलोचक श्री विश्वनाथ प्रसाद तिवारी की डायरी '​दिन रैन​' की समीक्षा जनसत्ता समाचार पत्र के 27 अप्रैल 2014 के अंक में प्रकाशित।