Monday, 18 June 2012

'हरियाणा इन्साइक्लोपीडिया' दस खण्डों में



वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित 'हरियाणा इन्साइक्लोपीडिया' इसके सम्पादक मण्डल ने उपलब्ध ज्ञान के सभी स्रोतों द्वारा हरियाणा इन्साइक्लोपीडिया के लिए सूचनाएँ एकत्रित की हैं । पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है 'हरियाणा इन्साइक्लोपीडिया'       

'सभ्यताएँ नष्ट हो जाती हैं, पर शिलालेख, चित्रलेख व पुस्तकें बची रहती हैं । और ये हमारी संस्कृति की संवाहक हैं ।  इसलिए इन्हें सहेज कर रखना ज़रूरी है। देश भर में किसी प्रदेश का यह पहला इन्साइक्लोपीडिया है जिसे रिकॉर्ड समय में मात्र डेढ़ साल की अवधि में सम्पूर्ण किया गया है । - चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा (मुख्यमंत्री, हरियाणा सरकार)

कोई भी सभ्यता और संस्कृति अपने उपलब्ध आलेखों और तथ्यों से ही पहचानी जाती है। हड़प्पा सभ्यता और माया संस्कृति की जो भी जानकारी आज हमारे पास उपलब्ध है, वह सिर्फ और सिर्फ अपने पुरातात्विक संकेतों और प्राचीन अभिलेखों से ही जानी गयी है । 44  वर्षों में हरियाणा ने भारतीय इतिहास में विकास की नयी इबारत लिखी है । आज यह राज्य विकास का रोल मॉडल है । मेरे मन में कल्पना थी कि प्रदेश के भूगोल, इतिहास, संस्कृति, साहित्य और विकास से जुड़े हर पहलू को एकत्रित कर इन्साइक्लोपीडिया के रूप में प्रकाशित किया जाये ।  और इसकी परिणति आज इन्साइक्लोपीडिया के रूप में पाठकों के हाथों में है । मेरी जानकारी के अनुरूप यह भारतवर्ष में किसी भी प्रदेश का सम्पूर्ण जानकारी युक्त प्रथम इन्साइक्लोपीडिया है हमने अत्यन्त श्रमपूर्वक और अति सीमित समय में हरियाणा इन्साइक्लोपीडिया दस खण्डों में प्रस्तुत किया है। - डॉ. कृष्ण कुमार खण्डेलवाल (आई.ए. एस.)

Book : Haryana Encyclopedia (Total 10 Parts )
Chief Editor : Dr. Krishna Kumar Khandelwal (IAS)
Editor : Dr. Shamim Sharma
Publisher : Vani Prakashan 
Price : `25,000(HB)  
ISBN : 978-81-8143-948-2
Total Pages : 5524
Size (Inches) :
8.75X11
Category  : Encyclopedia


हरियाणा इन्साइक्लोपीडिया के प्रत्येक खण्ड का संक्षिप्त परिचय 
भूगोल खण्ड (पहला और दूसरा खण्ड)
भूगोल खण्ड में हरियाणा की त्रिविध धरती-उत्तर में शिवालिक की हरीतिमा-मंडित पहाड़ियों का सौन्दर्य, दक्षिण में अरावली की खुश्क पहाड़ियों में बहुमूल्य स्लेट का पत्थर और बीच में उपजाऊ मैदान-'धान का कटोरा', गेहूँ, कपास का भण्डारतारावड़ी और जीवन नगर के बासमती चावल की सुगन्ध का भरपूर आनन्द । साथ ही सरस्वती, घग्घर और दृषद्वती नदियों की कल-कल ध्वनि । हरियाणा के करीब सात हज़ार गाँवों और सैकड़ों कस्बों-शहरों का भौगोलिक और सांस्कृतिक परिचय ।  

संस्कृति खण्ड (तीसरा और चौथा खण्ड)
वैदिक ऋचाओं के पाठ की मधुर ध्वनियाँ एवं मत्रोच्चारण, प्राचीन मूर्तिकला, सांग, रागनी, भोपे, सँपेरे, दीपचन्द व लखमीचन्द से लेकर आधुनिक नाट्य कला, नुक्कड़ नाटक, फ़िल्म 'चंद्रावल' तथा बॉलीवुड में बढ़ती हिस्सेदारी चलचित्र की तरह दिखाई गयी है । गाँवों के पनघट की चहल-पहल, चौपालों के ठाठ और हुक्कों की गर्माहट । 
इतना ही नहीं बाबा तोतापुरी, भक्त फूलसिंह, सेठ छाजूराम, स्थाणुदत्त, सुभाषिणी, स्वामी रामदेव  और, साथ में पण्डित जसराज, जोहराबाई अम्बाला वाली, ख्वाज़ा अहमद अब्बास, जे.पी.कौशिक, ओम पुरी, मल्लिका शेरावत, योग ज्यॉय, रघुराय, मीता वशिष्ट, मीमांसा मलिक, शंकर जादूगर । इसके अलावा हरियाणा के खीर-चूरमा,सीत-राबड़ी एवं गुड़-बाजरे से लेकर रेवड़ी-घेवर तक के स्वाद और तागड़ी, बोरला, हंसली, छैलकड़े, गुलबन्द, पछेल्ली, बिछुए, रमझोला गहनों की चमक-दमक । 

साहित्य खण्ड ( पाँचवाँ और छठवाँ खण्ड)
ऋग्वेद, उपनिषद्, सांख्य दर्शन, पुराण, जैन, सन्त, सूफी, राम-कृष्ण काव्य, आधुनिक काल की विधाओं- कहानी, नाटक, उपन्यास, समकालीन कविता, आत्मकथा, लघुकथा, आलोचना, नवगीत और ग़ज़ल के गलियारों की सम्पूर्ण परिक्रमा । वेदव्यास, सूरदास, हाली, भाई संतोखसिंह , हरभजनसिंह 'रेणु', कश्मीरीलाल ज़ाकिर, राजाराम शास्त्री, जयनाथ 'नलिन',  विष्णु प्रभाकर, उदयभानु हंस, राकेश वत्स, कुमार रवीन्द्र, ज्ञानप्रकाश  विवेक, विकेश निझावन, कमला चमोला से लेकर मनोज छाबड़ा तक

इतिहास खण्ड (सातवाँ और आठवाँ खण्ड)
कुरुक्षेत्र में महाभारत का धर्म-अधर्म के बीच भीषण युद्ध, भारतीय इतिहास को नया मोड़ देती पानीपत की तीन लड़ाइयाँ प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम में रक्तरंजित हाँसी की लाल सड़क और कारगिल की बर्फीली चोटियों पर वीर सैनिकों का खून-हरियाणवी बलिदान की रोमांचपूर्ण गाथा । हेमू से हुड्डा तक का विहंगावलोकन । खाप पंचायतों के वीरतापूर्ण संघर्ष, आईएनए के बलिदानी, स्वाधीनता संग्राम के योद्धा, कोसली, रोहनात और लुदेसर के रणबांकुरे । रेवाड़ी, रानियाँ और झज्झर के नवाब
उत्खनन स्थल, पुरातात्त्विक तथ्य और अभिलेख । हरियाणा की पहली विधान सभा से लेकर आज तक के सभी विधायकों-सांसदों का परिचय, और विधान सभा का इतिहास

नौवाँ खण्ड (विकास खण्ड)
हरियाणा के करीब सात हजार गाँवों में बिजली की जगमगाहट, सड़कों का निर्माण और घर-घर में पानी की सप्लाई। निर्मल गाँव योजना के तहत भारत के प्रथम राज्य हरियाणा के 798  निर्मल गाँवों की सफलता की कहानी । सोनीपत की एटलस साइकिल से गुड़गाँव की मारुति तक । अम्बाला में विज्ञान के साजो-सामान व मिक्सी से लेकर जगाधरी-रेवाड़ी के ठठेरों से होते हुए फरीदाबाद के ट्रैक्टर, कम्प्यूटर । जिन्दल उद्योग, ज़ी टी.वी., सनसिटी, डी.एल.एफ., लिबर्टी, एक्शन-शू और असंख्य औद्योगिक घरानों की विकास गाथा । नगर निर्माण में पंचकूला के व्यवस्थित रूप से लेकर गुड़गाँव की 'माल' के हाल तक की नवीनतम जानकारी । राजीव गाँधी एजुकेशन सिटी, कुल 311 कॉलेज, आठ यूनिवर्सिटी और उत्तरी भारत का पहला महिला विश्वविद्यालय -भक्त फूलसिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां

दसवाँ खण्ड (चित्रलेख खण्ड)
'चित्रलेख' खण्ड में छाया चित्रों द्वारा उपरोक्त पाँच खण्डों की पृष्ठभूमि में समग्र हरियाणा का चक्षुष स्वरूप अंकित है । यह खण्ड हरियाणा के प्रसिद्ध छायाकार योग ज्वॉय, रघुराय, रणबीरसिंह, ओमप्रकाश कादयान तथा अशोक गुप्ता के छायाचित्रों से हरियाणा की आज तक की मनोहारी तस्वीर प्रस्तुत करता है । इसके अतिरिक्त हरियाणा के पुरातत्त्व विभाग द्वारा प्रदत्त अनेक  दुर्लभ चित्र भी हैं । 

सम्पादकों के सन्दर्भ में....
मुख्य संपादक, डॉ. कृष्ण कुमार खण्डेलवाल (आई.ए.एस.)
डॉ. कृष्ण कुमार खण्डेलवाल ने, प्रबंधन, इंजीनियरिंग, अर्थशास्त्र, संस्कृति, कानून आदि पर लगभग 18  पुस्तकें लिखी हैं। उन्होंने बी.ई. (सिविल), एलएल.बी., एलएल.एम., एम.एससी.( आई.टी.),  एम.सी.ए., एम.कॉम. (आई एम) इत्यादि की पढ़ाई की है प्रशासन के कई पदों पर कार्य का अनुभव । वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अतिरिक्त प्रधान सचिव (मुख्यमंत्री, हरियाणा ) तथा वित्तायुक्त एवं प्रधान सूचना जन सम्पर्क एवं  सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा के पद पर कार्यरत हैं

सम्पादक : डॉ. शमीम शर्मा
इन्हें सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए विभिन्न सम्मानों से पुरस्कृत किया गया है । जिसमें, मदर टेरेसा द्वारा स्वर्ण पदक प्राप्त, सन 2001, में राष्ट्रपति द्वारा रजत पदक से सम्मानित, तीस बार रक्तदान एवं रक्तदान कार्यों हेतु अनेक बार पुरस्कृत, उड़ीसा चक्रवात आपदा के समय में उड़ीसा जाकर पीड़ितों में राहत सामग्री वितरण, गुजरात भूकम्प आपदा के समय भुज, भुजाउ एवं अंजार में राहत कार्य किया । कारगिल युद्ध पीड़ित परिवारों हेतु सहायता राशि एकत्रित करने में योगदान
इनकी 'हस्ताक्षर'(लघुकथा) , अजन्मी बेटी की चिट्ठी , पंचनाद, हिन्दुस्तान के ससुर (आलेख), चौपाल के मखौल, चौपाल के चाले, चौपाल पै ताऊ ( हास्य) आदि प्रकाशित कृतियाँ हैं, इन्हें कई पत्र-पत्रिकों के सम्पादन का अनुभव है । वर्तमान में यह माता हरकी देवी महिला महाविद्यालय, ओढ़ा, सिरसा में प्राचार्या हैं

प्रबन्ध सम्पादक : शिवरमन गौड़ 
(आई.ए.एस.)
इन्होंने बी.ए. आनर्स (अर्थशास्त्र), एम. ए. (अंग्रेजी साहित्य) ,एम.फिल. (अंग्रेजी साहित्य) में किया है । यह अंग्रेजी के प्रवक्ता  राजकीय कॉलेज, नारनौल एवं एल.एम. हिन्दू कॉलेज, रोहतक, एस.डी. एम. एवं अतिरिक्त उपायुक्त नारनौल एवं सिरसा, परिवहन महाप्रबंधक, आयुक्त उच्चतर शिक्षा, हरियाणा, निदेशक जल परिवहन मंत्रालय, भारत सरकार,में कार्य का अनुभव है   वर्तमान में यह अतिरिक्त प्रधान सचिव (मुख्यमंत्री, हरियाणा ) तथा निदेशक, जन सम्पर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा में कार्यरत हैं । 

सह सम्पादक : डॉ. नीलम प्रभा 
यह इंडियन लाइब्रेरी एसोसिएशन एवं हरियाणा लाइब्रेरी एसोसिएशन की आजीवन सदस्य हैं तथा हरियाणा लाइब्रेरी एसोसिएशन की सयुंक्त सचिव हैं ।  वर्तमान में यह पुस्तकालयाध्यक्ष एवं कम्प्यूटर केंद्र प्रभारी, फतहचन्द महिला महाविद्यालय, हिसार में कार्यरत हैं।