Thursday, 17 May 2012

ओम थानवी जी का साक्षात्कार


 बहुचर्चित यात्रा-वृत्तान्त मुअनजोदड़ो के लेखक ओम थानवी जी ने 'अपने अपने अज्ञेय' पुस्तक के माध्यम से सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' को  श्रदांजलि अर्पित की है अज्ञेय के साथ ओम थानवी के पारिवारिक सम्बन्ध भी रहे हैं, थानवी जी अज्ञेय से मिलते रहते थेएक लगाव से वह अज्ञेय को कितना समझ पाए और अज्ञेय के बारे में कितना संकलन कर पाए इन्होंने इसका सही रूप  'अपने अपने अज्ञेय' पुस्तक के माध्यम से प्रस्तुत किया है
पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है, 16 मई 2012 के 'तहलका'(हिंदी), पत्रिका में प्रकाशित 'अपने अपने अज्ञेय' पुस्तक के सन्दर्भ में ओम थानवी जी का साक्षात्कार 

अब आप सीधे वाणी प्रकाशन के विक्रय विभाग से हिंदी की पुस्तकें मंगवा सकते हैं. पुस्ताकादेश देने के माधयमों की जानकारी निम्नलिखित है:

E-mail us on

vaniprakashan@gmail.com
sales@vaniprakashan.in

Call us on
011-23275710/23273167/65456829


24 HOURS “VANI DIAL- A- BOOK”
+919136369644

SMS “BOOK ORDER” followed by "Book Title and Number of Copies" on

+919136369644
2