Saturday, 26 May 2012

सपनों की मंडी






नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया द्वारा मीडिया फेलोशिप के तहत शोध व य़ू.एन.-एफ .पी .ए.-लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित कृति 'सपनों की मंडी' । रामनाथ गोयनका पत्रकारिता पुरस्कार से पुरस्कृत पत्रकार,लेखिका गीताश्री ने मानव तस्करी की वास्तविकता को पेश किया है । प्रस्तुत है 'सपनों की मंडी' का दैनिक भास्कर में, शनिवार 26 मई 2012 की प्रकशित समीक्षा । आप इस लिंक के माध्यम से यह समीक्षा पढ़ सकते हैं  ।  

http://epaper.bhaskar.com/detail.php?id=146184&boxid=52625520781&ch=cph&map=map&currentTab=tabs-1&pagedate=05%2F26%2F2012&editioncode=194&pageno=7&view=image


इस लिंक के मध्यम से आप वाणी प्रकाशन की वेबसाइट से पुस्तक की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं । http://vaniprakashan.in 


प्रस्तुत है 'सपनों की मंडी' के लोकार्पण पर कवरेज करती मीडिया की रिपोर्ट।





Book : Sapanon Ki Mandi
Author  : Geetashri
Publisher : Vani Prakashan 
Price : `200(HB)  
ISBN : 978-93-5072-161-2
Total Pages : 148
Size (Inches) : 
5.75X8.75
Category  : Feminism/Social Science


पुस्तक के सन्दर्भ में.........
हिन्दी में शोध के आधार पर साहित्यिक या गैर-साहित्यिक लेखन बहुत ज्यादा नहीं हुआ है, जो हुआ है, उसमें विषय विशेष की सूक्ष्मता से पड़ताल नहीं की गयी है । सपनों की मंडी के माध्यम से लेखिका गीताश्री  ने तकरीबन एक दशक तक शोध एवं  यात्राओं और उनके अनुभवों के आधार पर मानव तस्करी के कारोबार पर यह किताब लिखी है । इस किताब में ख़ास तौर पर आदिवासी समुदाय की लड़कियों की तस्करी, उनके शोषण और नारकीय जीवन का खुलासा किया है । किताब में कई चौंका देने वाले तथ्यों से पाठक रूबरू होते हैं  । लेखिका ने सभ्य समाज और आदिवासी समाज के बीच जो अंतर है उसकी एक समाजशास्त्रीय ढंग से व्याख्या की है । किताब में जिंदगी के उस अंधेरे हिस्से की कहानी है, जिसमें एक बाज़ार होता है  ।  कुछ खरीददार होते हैं ।  कुछ बेचने वाले होते हैं और फिर मासूम लड़कियों का सौदा ।  लेखिका कहती हैं कि ताज्जुब तो तब होता है जब बेचने वाला कोई सगा निकलता है ।  लेखिका स्पष्ट तौर पर कहना चाहती हैं  की, सपनों की मंडी में मासूम लड़कियों के सपनों के सौदे की  कहानी है । सपनों की कब्र से उठती हुई उनकी चीखें हैं ।


पुस्तक बताती है, क्या है ट्रैफिकिंग ? 
ट्रैफिकिंग का आशय बहला-फुसलाकर या जबरन, महिलाओं  या किशोरियों का आगमन, जिसमें उनका विभिन्न स्तरों पर शोषण किया जाता है । उनसे जबरन मज़दूरी और वेश्यावृत्ति करना । इसमें उन्हें किसी भी रूप में खरीदना, बेचना और एक स्थान से दूसरे स्थान पर उनकी इच्छा के विरुध्द ले जाना शामिल है ।



यूएन की रिपोर्ट ?

सन 2007 में पेश संयुक्त राष्ट्र संघ की एक रिपोर्ट के अनुसार लड़कियों को पंजाब और हरियाणा में बेचने का चलन बढ़ा है । बिकने के बाद वहां बेटा पैदा करने तक उनका यौन शोषण किया जाता है ।  यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट फंड द्वारा तैयार की गयी ' हयूमन ट्रैफिकिंग एक्सप्लोरिंग वलनेरबिलिटीज एंड रिसपोंसेज इन साउथ एशिया' नामक इस रिपोर्ट के मुताबिक बेहतर लिंगानुपात वाले गरीब जिलों से कम लिंगानुपात वाले अमीर राज्यों में लड़कियों की मानव तस्करी होती है ।


लेखिका के सन्दर्भ में.....
गीताश्री का जन्म मुजफ्फरपुर ( बिहार ) में हुआ । सर्वश्रेष्ठ हिन्दी पत्रकार ( वर्ष 2008-2009) के लिए रामनाथ गोयनका पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार गीताश्री पत्रकारिता के साथ-साथ साहित्य की दुनिया में सक्रिय हैं । सम्प्रति : आउटलुक (हिन्दी ) दिल्ली में सहायक संपादक