Friday, 5 August 2011

सन 2005 में भारत सरकार द्वारा नोबेल पुरस्कार के लिए नामित हिंदी के प्रख्यात लेखक  
निर्मल वर्मा एक बड़े रचनाकार के साथ-साथ एक सधे हुए अनुवादक भी थे. अनुवाद को दूसरे 
दर्ज़े का काम मानने की परंपरा हिंदी ही नहीं विश्व की सभी भाषाओं में भी रही है पर अनुवादक 
जब निर्मल वर्मा जैसे गहन शब्द साधक हों और जिन्होंने जिन अनूदित रचनाओं का हर-एक 
अक्षर पूरे मनोयोग से अपनी भाषा में लिखा हो उन्हें दूसरे दर्ज़े का कर्म मानना कितना उचित है?

पिछले दिनों निर्मल वर्मा के द्वारा अनूदित दर्जन भर पुस्तकों को वाणी प्रकाशन ने पुनः प्रकाशित 
किया है. इनमें रूसी, चेक और रोमानियाई कथा-साहित्य हैं और चेक नाटक. इनमें से कई 
कृतियाँ आज विश्व साहित्य की धरोहर हैं. पेश है, वाणी प्रकाशन से प्रकाशित 
निर्मल वर्मा के अनूदित साहित्य की एक झलक :

रूसी उपन्यास :
 
  बचपन  
लियो टॉलस्टॉय
मूल्य : 200 रूपये  
 पराजय 
अलेक्सांद्र फेदयेव 
मूल्य : 425 रूपये  
रूसी कथा-साहित्य :
 ओलेस्या तथा अन्य कहानियाँ 
अलेक्सांद्र कुप्रीन 
मूल्य : 425 रूपये  
 रत्न-कंगन तथा अन्य कहानियाँ
अलेक्सांद्र कुप्रीन
मूल्य :425 रूपये 
चेक उपन्यास :
 बाहर और परे 
इर्शी फ्रीड 
मूल्य : 300 रूपये  
रोमियो जूलियट और अँधेरा
यान ओत्चेनाशेक
मूल्य : 395 रूपये  
चेक कथा-साहित्य :
 एमके : एक गाथा 
जोसेफ श्कवोरस्की
मूल्य : 200 रूपये  
 टिकट-संग्रह
कारेल चापेक 
मूल्य : 325 रूपये  
 खेल-खेल में 
चयन एवं अनुवाद : निर्मल वर्मा 
मूल्य : 250 रूपये 

रोमानियाई कथा-साहित्य :
झोंपड़ी वाले और अन्य कहानियाँ 
मिहाइल सादौवेन्यू
मूल्य : 250 रूपये   
चेक नाटक :

आर. यू. आर. 
कारेल चापेक
मूल्य : 250 रूपये

इन पुस्तकों को मंगाने के लिए संपर्क करें :
 
वाणी प्रकाशन
21-ए, दरियागंज, नयी दिल्ली-110002
फोन नंबर : 011-23273167, 23275710
E-MAIL : vaniprakashan@gmail.com